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Himachal:मातर में उफनती नदी के बीच फंसे 43 बच्चे और 12 स्टाफ सदस्य सुरक्षित रेस्क्यू

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मातर में उफनती नदी और पहाड़ी खाले के बीच फंसे स्कूली बच्चों और स्टाफ सदस्यों को होमगार्ड के जवान सुरक्षित निकालते हुए
मातर में उफनती नदी और पहाड़ी खाले के बीच फंसे स्कूली बच्चों और स्टाफ सदस्यों को होमगार्ड के जवान सुरक्षित निकालते हुए
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नाहन के मातर स्कूल में होमगार्ड जवानों ने 43 बच्चों व 12 स्टाफ सदस्यों को निकाला सुरक्षित

समाचार दृष्टि ब्यूरो / नाहन

जिला सिरमौर के नाहन विधानसभा क्षेत्र के मातर में मूसलाधार बारिश के बीच उफनती नदी और पहाड़ी खाले के बीच फंसे स्कूल के 43 विद्यार्थियों और 12 स्टाफ सदस्यों को होमगार्ड के जवानों ने करीब तीन घंटे तक चले साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन टीमों और स्थानीय लोगों के त्वरित प्रयासों से बड़ा हादसा टल गया।
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मातर स्कूल के समीप नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने और दूसरी ओर जंगल से तेज बहाव के साथ पहाड़ी खाला आने की सूचना प्रशासन को दोपहर करीब 3 बजे मिली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम नाहन राजीव संख्यान ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद आपदा प्रबंधन टीम, पुलिस और होमगार्ड के जवान मौके पर पहुंचे और बच्चों व स्टाफ को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू किया।

मौके पर पहुंचे होमगार्ड के जवानों ने विपरीत परिस्थितियों में अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। एक तरफ उफनती नदी और दूसरी तरफ तेज बहाव से आ रहे पहाड़ी खाले के बीच जवानों ने सुरक्षित रास्ता तैयार कर एक-एक करके सभी 43 विद्यार्थियों और 12 स्टाफ सदस्यों को बाहर निकाला।

जिले में दोपहर बाद से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई थी। ऐसे में मातर स्कूल से सभी बच्चों के सुरक्षित बाहर निकलने की सूचना मिलते ही परिजनों ने राहत की सांस ली। कई परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

रेस्क्यू अभियान की सफलता पर स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने होमगार्ड के जवानों, पुलिस, प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन टीमों का आभार जताया। लोगों ने कहा कि जवानों की बहादुरी, मुस्तैदी और समय पर प्रशासन की कार्रवाई ने बच्चों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

बारिश के बीच जिस तरह से जवानों ने जान जोखिम में डालकर बच्चों और स्टाफ सदस्यों को सुरक्षित निकाला, वह उनकी कर्तव्यनिष्ठा और साहस का उदाहरण है।

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