
डिजिटल इंडिया से जनता तक सीधे पहुँच रहे आर्थिक लाभ: डॉ. सनी शुक्ला
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा—पीएम मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़े ठोस कदम
समाचार दृष्टि डेस्क
भारतीय जनता युवा मोर्चा, हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. सनी शुक्ला ने कहा कि भारत का विकास किसी एक राजनीतिक दल की बपौती नहीं, बल्कि देश के वैज्ञानिकों, सैनिकों, किसानों, श्रमिकों, उद्यमियों और करोड़ों नागरिकों के सामूहिक योगदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद विभिन्न सरकारों के कार्यकाल में अनेक महत्वपूर्ण संस्थानों की स्थापना हुई, लेकिन देश की विकास यात्रा को केवल पुराने संस्थानों की स्थापना तक सीमित करके देखना उचित नहीं है। किसी भी सरकार के कार्यों का मूल्यांकन संस्थानों की स्थापना के साथ-साथ उनके विस्तार, आधुनिकीकरण, नई तकनीक के उपयोग और आम जनता तक सुविधाओं की पहुँच के आधार पर भी किया जाना चाहिए।
डॉ. शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद भारत ने बुनियादी ढाँचे, डिजिटल अर्थव्यवस्था, रेलवे, हवाई संपर्क, रक्षा उत्पादन और अंतरिक्ष विज्ञान सहित अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता यह सवाल उठा रहे हैं कि भाजपा सरकार ने पिछले 14 वर्षों में क्या बनाया, जबकि विकास का आकलन केवल इस आधार पर नहीं किया जा सकता कि किसी संस्थान की स्थापना किस सरकार के कार्यकाल में हुई थी। यह भी देखना आवश्यक है कि पहले से स्थापित व्यवस्थाओं को कितना आधुनिक बनाया गया और नई सुविधाओं का लाभ कितने लोगों तक पहुँचाया गया।
राष्ट्रीय राजमार्गों और रेलवे के आधुनिकीकरण में तेजी
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार देश के विकास की गति को दर्शाता है। वर्ष 2014 में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई लगभग 91,287 किलोमीटर थी, जो मार्च 2025 तक बढ़कर लगभग 1,46,204 किलोमीटर हो गई। इससे परिवहन, व्यापार, पर्यटन और विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि आधुनिक रेल सेवाओं, वंदे भारत ट्रेनों, रेलवे विद्युतीकरण और स्वदेशी कवच ट्रेन सुरक्षा प्रणाली के विस्तार से भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण को नई गति मिली है।
उन्होंने कहा कि हवाई संपर्क के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वर्ष 2014 में देश में लगभग 74 परिचालन हवाई अड्डे थे, जबकि मार्च 2025 तक इनकी संख्या लगभग 160 हो गई। उड़ान योजना के माध्यम से छोटे शहरों और क्षेत्रीय गंतव्यों तक हवाई संपर्क बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
डिजिटल इंडिया ने आम नागरिकों के लिए आसान बनाई सेवाएँ
डॉ. शुक्ला ने कहा कि डिजिटल इंडिया केवल तकनीकी परिवर्तन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकारी सेवाओं और आर्थिक सुविधाओं को आम नागरिक तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम बना है। यूपीआई के जरिए डिजिटल भुगतान का व्यापक विस्तार हुआ है, जबकि जनधन खातों, आधार और मोबाइल आधारित व्यवस्थाओं ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को अधिक व्यापक बनाने में भूमिका निभाई है। डिजिलॉकर जैसी डिजिटल सेवाओं ने दस्तावेजों के उपयोग को भी सरल बनाया है।
उन्होंने कहा कि आधार और यूआईडीएआई की स्थापना का ऐतिहासिक महत्व अपनी जगह है, लेकिन डिजिटल पहचान का उपयोग करके भुगतान व्यवस्था, बैंकिंग और सरकारी सेवाओं के विस्तार को भी स्वीकार किया जाना चाहिए। डिजिटल भुगतान ने छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और आम लोगों के लिए लेन-देन के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रगति
भाजयुमो अध्यक्ष ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन, घरेलू खरीद और रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। मिसाइलों, तोपों और अन्य सैन्य उपकरणों के स्वदेशी विकास एवं निर्माण ने देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा में इसरो और देश के वैज्ञानिकों का योगदान सर्वोपरि है। मंगलयान, चंद्रयान-3 और आदित्य-L1 जैसे मिशनों ने भारत की वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षमताओं को वैश्विक पहचान दिलाई है। वहीं, गगनयान कार्यक्रम के माध्यम से मानव अंतरिक्ष उड़ान की तैयारियों को आगे बढ़ाया जा रहा है। इन उपलब्धियों से स्पष्ट है कि स्थापित वैज्ञानिक संस्थानों को निरंतर निवेश, आधुनिक तकनीक और अनुसंधान के अवसर उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है।
गरीबों और जरूरतमंदों तक पहुँच रहा योजनाओं का लाभ
डॉ. शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से बैंकिंग, स्वच्छता, रसोई गैस, आवास, स्वास्थ्य सुरक्षा और पेयजल सुविधाओं के विस्तार के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।
उन्होंने कहा कि किसी भी योजना के क्रियान्वयन, उसकी गुणवत्ता और शेष चुनौतियों पर लोकतांत्रिक तरीके से चर्चा हो सकती है, लेकिन योजनाओं के विस्तार और उनके माध्यम से किए गए कार्यों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
कांग्रेस बताए, विकास के मूल्यांकन का पैमाना क्या है?
डॉ. शुक्ला ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या किसी संस्थान की स्थापना का श्रेय लेना ही विकास का एकमात्र पैमाना है, या उसके विस्तार, आधुनिकीकरण और नई तकनीक के उपयोग का भी मूल्यांकन होना चाहिए? उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार, आधुनिक रेल सेवाएँ, डिजिटल भुगतान व्यवस्था, नए हवाई अड्डे, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और अंतरिक्ष विज्ञान की उपलब्धियाँ देश की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
उन्होंने कहा कि रोजगार, किसानों की आय, महँगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर सरकार से सवाल पूछना लोकतंत्र का आवश्यक हिस्सा है। सरकारों के कार्यों का मूल्यांकन तथ्यों, परिणामों और जनहित के आधार पर होना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के आधार पर।
डॉ. शुक्ला ने कहा कि भारत का विकास किसी एक दल की कहानी नहीं, बल्कि निरंतर आगे बढ़ते राष्ट्र की कहानी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में किए जा रहे प्रयास देश को नई संभावनाओं की ओर ले जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को विकास के मुद्दे पर जनता को भ्रमित करने के बजाय देश की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं पर तथ्यपरक चर्चा करनी चाहिए।
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