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Himachal:द्राबिल में विश्व पर्यावरण दिवस तथा मिशन शक्ति योजना पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला द्राबिल में विश्व पर्यावरण दिवस तथा मिशन शक्ति योजना पर जागरूकता कार्यक्रम में स्कूली छात्र छात्राएं
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महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया गया विकास खंड शिलाई के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला द्राबिल में विश्व पर्यावरण दिवस तथा मिशन शक्ति योजना पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

समाचार दृष्टि ब्यूरो / नाहन

महिला एवं बाल विकास विभाग, द्वारा विकास खंड शिलाई के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला द्राबिल में शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस तथा मिशन शक्ति योजना पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला द्राबिल के प्रधानाचार्य ललीत कुमार ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों तथा अध्यापकों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई तथा पर्यावरण को स्वच्छ एवं हरित रखने का संदेश दिया।

महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आए बाल विकास परियोजना अधिकारी गीता सिंगटा, मिशन शक्ति से जिला समन्वयक कृतिका ठाकुर, पर्यवेक्षक निर्मला देवी व जगमोहन तथा लिंग विशेषज्ञ सोनम परमार ने मिशन शक्ति योजना पर जानकारी देते हुए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, मासिक धर्म स्वच्छता, दहेज निषेध, वन स्टॉप सेंटर, आंगनबाड़ी सह क्रेच, तथा कामकाजी महिला हॉस्टल’ योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाओं, किशोरियों और विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

उन्होंने ’मिशन् शक्ति योजना के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि घरेलू हिंसा, दहेज, छेड़छाड़ आदि से प्रभावित महिलाएं 24X7 टोल फ्री नंबर 181 पर कॉल कर तुरंत सहायता ले सकती हैं। तथा आपात स्थिति में 112 डायल किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त कामकाजी माताओं के लिए 6 माह से 6 साल तक के बच्चों की देखभाल, भोजन और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा आंगनबाड़ी सह क्रेच में उपलब्ध है।

जागरूकता शिविर में बताया गया कि बेटा-बेटी में भेदभाव न करें, गर्भ में लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत एक दंडनीय अपराध है। उन्होंने बेटियों को शिक्षा देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान मासिक धर्म स्वच्छता’ माहवारी कोई बीमारी नहीं, यह प्रकृति का नियम है तथा इस दौरान स्वच्छ सैनिटरी नैपकिन का उपयोग करने तथा पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया। वन स्टॉप सेंटर ‘सखी’ के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हिंसा की शिकार महिलाओं को जिला अस्पताल नाहन स्थित वन स्टॉप सेंटर पर एक ही छत के नीचे पुलिस, मेडिकल, कानूनी सहायता, काउंसलिंग और 5 दिन तक अस्थायी आश्रय की सुविधा 24X7 निःशुल्क दी जाती है।

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