May 20, 2024 2:37 am

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नैना टिक्कर पंचायत के थल्पा गांव में तीन मकान क्षतिग्रस्त

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Samachar Drishti

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एसडीएम पच्छाद ने मौके पर जाकर किया थलपा गांव के क्षतिग्रस्त मकान व जमीन का निरीक्षण

राहत के तौर पर ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा तरपाल करवाये मुहैया
कहा मनरेगा के तहत लगाए जाएंगे जमीन पर डंगे

समाचार दृष्टि ब्यूरो/नैना टिक्कर

भारी बारिश का कहर अभी भी जारी है बीते शुक्रवार की रात को हुई भारी बारिश से नैना टिककर पंचायत के गांव थलपा में तीन घर गिरने की कगार पर हैं। कुदरत की कहर से अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर बनाया आशियाना को गिरने की कगार पर देख गांव के 3 परिवार ने प्रशासन से राहत की गुहार लगाई। वहीं थलपा के ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में एक निजी होटल का निर्माण किया जा रहा है।

उनका कहना है कि होटल मालिक ने थोड़े से क्षेत्र में ही लगभग 7 बोरवेल करवाए हैंई ओर तो ओर पुर होटल केम्पस के पानी की निकासी भी स्थाई रूप से नहीं की है जिस कारण उनकी पूरी जमीन तथा खेत बह चुके हैं। यही नही केम्पस से भारी बारिश का पानी आने से अब उनके घर भी गिरने की कगार पर पहुंच चुके हैं।

ग्रामीण सत्यपाल, कौशल्या देवी, गोविंद ,प्रभा देवी ,मानसिंह, किरण, नौखी राम ,कमला देवी ,सुमन ,रक्षा देवी ,रूपा देवी तथा हेमराम इत्यादि का कहना है कि उनके घरों के समीप एक होटल का निर्माण कार्य पिछले कई वर्षों से चला हुआ है। उनका कहना है कि इस होटल निर्माण की वजह से ना तो उनके घर के लिए कोई रास्ता बचा है और पानी की निकासी भी उक्त होटल मालिक ने उनकी जमीन में छोड़ रखा है जिस कारण सारे खेत तथा लगभग 10 बीघा जमीन पूर्णतया नष्ट हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि घरों के ऊपर निजी होटल की बड़ी-बड़ी सुरक्षा दीवारें लगाई गई हैं जिसमें इन दिनों दरारें आ चुकी हैं और यदि यह सुरक्षा दीवारें इस भारी बारिश में गिरती हैं तो कई जिंदगियां तबाह हो जाएंगी ।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को 1 साल पूर्व सभी समस्याओं से अवगत करवाया गया था जिस पर होटल मालिक ने पानी निकासी की व्यवस्था ठीक करने की बात प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष कही थी। परंतु 1 साल बीत जाने के बाद भी ऐसी कोई व्यवस्था नही की गई परिणाम स्वरूप कई लोगों की जिंदगी इस समय खुले आसमान तले आ गई है।

वहीं ग्रामीणों द्वारा मौके पर पहुंचे एसडीएम से कहा गया कि 1साल बीत जिसने के बाद भी होटल मालिक द्वारा न ही डंगा लगया गया और न ही पानी निकासी की स्थाई व्यवस्था की गई। इस इस पर एसडीएम ने कहा की यदि होटल मालिक द्वारा यह नही किया गया था तो 1 बीत जाने के बाद भी किसी ग्रामीण ने हमें अवगत नही किया। उसने प्रशासन क्या जर सकता है यदि कोई सूचित ही नही करेगा। हालांकि इस बात पर ग्रामीणों ने कहा कि यह उनकी गलती रही है। एसडीएम ने कहा कि होटल मालिक को इसके लिए पूछा जाएगा।

मौके पर पूरी टीम के साथ पहुंचे एसडीएम पच्छाद डॉ संजीव धीमान ने क्षतिग्रस्त तीनों मकानों व जमीन का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों को तरपाल राहत के तौर पर मुहैया करवा दी गई है तथा आगे भी पीड़ित परिवारों की हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

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