February 22, 2024 2:26 am

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अत्याचार के मामलों को गंभीरतापूर्वक लेने की आवश्यकता-सुमित खिमटा

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Samachar Drishti

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अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत सिरमौर जिला में बीते तीन सालों के दौरान 53 मामलों में 76.75 लाख रुपये की राहत राशि पीड़ितों में वितरित

जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक आयोजित

समाचार दृष्टि ब्यूरो/नाहन

अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत सिरमौर जिला में बीते तीन सालों के दौरान 53 मामलों में 76.75 लाख रुपये की राहत राशि पीड़ितों में वितरित की गई है। यह जानकारी उपायुक्त सुमित खिमटा ने आज यहां आयोजित जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत पिछले तीन सालों में कुल 60 मामले प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 41 मामले न्यायालय में लंबित हैं तथा 12 का निपटारा हो चुका है। राहत राशि के अलावा पीड़ित के परिवार को राशन, बर्तन, बच्चों की शिक्षा इत्यादि भी प्रदान की जाती है। उपायुक्त ने बताया कि राहत राशि पीड़ित व्यक्ति को नियमानुसार शीघ्र प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जाति के लोगों के साथ किसी भी प्रकार के अत्याचार के मामलों को गंभीरतापूर्वक लेने की आवश्यकता है।

सुमित खिमटा ने कहा कि जिला स्तरीय समिति के अलावा उपमण्डल स्तर पर भी समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों को तीन माह में एक बार बैठक करना अनिवार्य है। इसके लिये उन्होंने एसडीएम को त्रैमासिक बैठकें सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इन वर्गों के व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार के अत्याचार की रिपोर्ट प्राप्त होने पर संबंधित क्षेत्र से समिति के गैर सरकारी सदस्य को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए ताकि वह मौके पर वस्तुस्थिति से अवगत हो और यथानुसार अपना सहयोग कर सके।

उपायुक्त ने कहा कि जिला के किसी भी विद्यालय अथवा आंगनवाड़ियों में किसी भी प्रकार के भेदभाव व छुआछूत के मामलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। दोषी को सजा का प्रावधान अधिनियम में है। इस संबंध में सूचना देने के लिये समिति के गैर सरकारी सदस्यों को प्राधिकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन माह के दौरान पौने दो लाख रुपये की राहत राशि पीड़ितों के पक्ष में जारी की गई है। उन्होंने पुलिस को विभिन्न थानों में पंजीकृत होने वाले अत्याचार के मामलों की मासिक रिपोर्ट के साथ एफ.आई.आर. तथा मेडिकल की रिपोर्ट भी जिला कल्याण अधिकारी को सौंपने को कहा।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सोम दत्त, डीएसपी मुकेश कुमार, विभिन्न विभागों के अधिकारी व समितियों के गैर सरकारी सदस्य बैठक में उपस्थित थे।

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