December 9, 2022 2:51 pm

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पच्छाद विधानसभा सीट पर इस बार 6 उम्मीदवार मैदान में, एक ने लिया नाम वापिस

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Samachar Drishti

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भाजपा की रीना कश्यप व कांग्रेस की दयाल प्यारी और निर्दलीय मैदान में उतरे गंगुराम मुसाफिर के बीच कड़े मुकाबले के आसार
आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी व सीपीआईएम के उम्मीदवार भी आजमा रहे इस बार भाग्य

समाचार दृष्टि ब्यूरो/सराहाँ

जिला सिरमौर का विधानसभा क्षेत्र हमेशा से ही चर्चाओं में सुमार रहा है। इस बार इस चुनावी दंगल में कांग्रेस पार्टी से टिकेट न मिलने पर पच्छाद से सात बार कांग्रेस विधायक रहे गंगुराम मुसाफिर आजाद उम्मीदवार चुनाव में उतरें हैं। वहीँ इस बार अस्तित्व में आई राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी ने भी अपनी ताल ठोक दी है।

पच्छाद विधानसभा के इस चुनावी महासंग्राम में दिलचस्प यह होगा कि कांग्रेस दिग्गज रहे गंगुराम मुसाफिर बतौर आजाद जरुर मैदान में हैं लेकिन उनकी अपील में डॉ वाई एस परमार और राजा वीरभद्र सिंह का फोटो छपा है। मसलन कांग्रेस कि और से मैदान में उतारी गयी दयाल प्यारी को मुसाफिर कहीं न कहीं जरुर पछाड़ रहे हैं। हालाँकि यह भी गौर करने कि बात है कि इस बार मुकाबला इतना कडा है कि तीनो के लिए कांटे कि टक्कर है।

बता दें कि भाजपा कि रीना कश्यप पच्छाद में हुए इन पांच सालों के विकास को भुनाकर, तो कांग्रेस से दयाल प्यारी पार्टी के नाम पर वहीँ मुसाफिर अपने द्वारा 1982 से अब तक पच्छाद में करवाए गये कार्यों और डॉ वाई एस परमार तथा राजा वीरभद्र सिंह के नाम पर अपने पक्ष में जनता से वोट डालने की अपील कर रहे हैं। सवर्णों के मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी ने हालाँकि काफी संख्या में नामांकन में भीड़ चुटाई थी जिससे उन्होंने अन्यों के बीच अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर सोचने पर मजबूर कर दिया है।

हालाँकि इसका काफी फायदा भाजपा को होते दिख रहा है क्योंकि कांग्रेस को एक तरफ मुसाफिर तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी नुक्सान पहुँच रही है। ऐसा नही है कि इससे भाजपा को कोई नुक्सान नही होगा लेकिन इसमें ज्यादा नुक्सान इन्ही दो को हो रहा है। कयास यह भी लगाये जा रहे थे कि 29 तक शायद कांग्रेस हाई कमान मुसाफिर को मना ले लेकिन ऐसा कुछ नही हुआ। जिससे अब सीधी फाईट मुसाफिर और रीना कश्यप में होती दिख रही है।
अब देखना है कि पच्छाद कि जनता किसे अपन आशीर्वाद देकर विधानसभा पंहुचती है यह देखना काफी रोचक होगा। बरहाल इन तीनो के अलावा सीपीआईएम के आशीष, राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी से सुशील भृगु और आम आदमी पार्टी से अजय कुमार कितना जनाधार जुटा पाते हैं यह आने वाली 12 दिसंबर को ही पता चल पायेगा।

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