December 1, 2022 3:23 pm

Advertisements
Traffic Tail

”वादा नहीं तो वोट नहीं” चुनाव में NOTA के साथ जाएंगे हजारों कंप्यूटर प्रोफेशनल

♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

Samachar Drishti

Samachar Drishti

कंप्यूटर प्रोफेशनल एसोसिएशन ने सोलन में वर्चुवल के माध्यम से बनाई आगामी रणनीति

घोषणा पत्र में जगह न मिलने से आहत कंप्यूटर प्रोफेशनल, हिमाचल में चुनाव लड़ रहे सभी राजनीतिक दलों के नाम खुला पत्र किया जारी

कहा मांगों का समर्थन कर उन्हें पूरा करने का वादा करेगा आगामी चुनाव में उसे ही देंगे 40000 से अधिक कंप्यूटर शिक्षित युवा समर्थन

समाचार दृष्टि ब्यूरो/सोलन

कंप्यूटर प्रोफेशनल एसोसिएशन की राज्य स्तरीय बैठक प्रदेशाध्यक्ष पीयूष सेवल की अध्यक्षता में आज सोलन में संपन हुई, जिसमें कंप्यूटर प्रशिक्षित युवाओं की मांगों पर चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष रजनी समता, सह सचिव रिंकू कुमार, कोषाध्यक्ष उमेश्वर कुमार व राज्य कार्यकारिणी सदस्य कुलजीत, ओंकार शर्मा, अजय सोनी, राकेश कुमार, प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित कुमार सहित प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों ने भाग लिया।

बता दें कि लगातार अपनी मांगों को उठा रहे कंप्यूटर प्रोफेशनल अब आर पार की लड़ाई का मूड बना चुके हैं। विधानसभा चुनाव को देखते हुए एसोसिएशन ने नारा दिया है कि *वादा नहीं तो वोट नहीं*। हिमाचल में चुनाव लड़ रहे सभी राजनीतिक दलों के नाम खुला पत्र जारी कर कहा गया है कि जो उनकी मांगों का समर्थन कर उन्हें पूरा करने का वादा करेगा आगामी चुनाव में उसे ही समर्थन दिया जाएगा, अन्यथा हिमाचल प्रदेश के 40000 से अधिक कंप्यूटर शिक्षित युवा नोटा बटन दबाकर अपना विरोध जाहिर करेंगे।

एसोसिएशन के अध्यक्ष पीयूष सेवल ने कहा कि वह हिमाचल प्रदेश के 40000 से अधिक कंप्यूटर शिक्षित जिनमें बीसीए, एमसीए, बीटेक, एमटेक, एमएससीआईटी जैसे युवा शामिल है, इनकी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 2 वर्षों में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, तकनीकी शिक्षा मंत्री, शहरी विकास मंत्री सहित तमाम विधायकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को अनेकों बार अपना मांग पत्र सौंप चुके हैं, परंतु सरकार द्वारा उनकी मांगों की और कोई भी ध्यान नहीं दिया गया। कंप्यूटर प्रोफेशनल एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:-

1. हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में वर्ष 2017 से लंबित पीजीटी आईपी के मुद्दे को शीघ्र सुलझाया जाए एवं हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्ष 2012 के पश्चात रुकी हुई लेक्चर कंप्यूटर साइंस की भर्तियों को 5 वर्षों के शैक्षणिक अनुभव की हटाकर कमीशन के माध्यम से शीघ्र भरा जाए।

2. हिमाचल प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से ही कंप्यूटर की शिक्षा निःशुल्क एवं अनिवार्य तौर पर प्रदान की जाए।

3. हिमाचल प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में टीजीटी कंप्यूटर साइंस, लेक्चर कंप्यूटर साइंस तथा सभी राजकीय महाविद्यालयों में सहायक आचार्य कंप्यूटर एप्लीकेशन के पदों को शीघ्र भरा जाए।

4. हिमाचल प्रदेश को आर्थिक तौर पर सुदृढ़ करने के लिए तथा 40,000 से अधिक कंप्यूटर शिक्षित युवाओं तथा अन्य शिक्षित युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए हिमाचल प्रदेश को *आईटी हब* के रूप में विकसित किया जाए।

5. आउट सोर्स के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों तथा महाविद्यालयों में की जा रही कंप्यूटर शिक्षकों तथा प्रशिक्षकों की नियुक्तियों पर तुरंत रोक लगाई जाए तथा नियमित व पारदर्शी तरीके से ही सभी शिक्षकों की भर्तियां करवाई जाए ।

एसोसिएशन ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा जारी किए गए घोषणा पत्रों में कहीं पर भी कंप्यूटर शिक्षा, कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति तथा हिमाचल प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने को लेकर जिक्र तक नहीं है। एक और तो सभी राजनीतिक दल लोक लुभावने वादे करके जनता को गुमराह करने का प्रयास करते हैं जबकि प्रदेश की आर्थिक स्थिति यह है कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश पर 70,000 करोड़ से अधिक का ऋण है। ऐसे समय में अपने वादों को पूरा करने के लिए सरकार पैसा कहां से लाएगी इसका कहीं पर भी उल्लेख नहीं है।

एसोसिएशन ने वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नाम एक खुला पत्र जारी किया है और कहां है कि जो भी राजनीतिक दल कंप्यूटर प्रोफेशनल एसोसिएशन की इन मांगों को पूरा करने के लिए लिखित तौर पर एवं सार्वजनिक रूप से अपनी सहमति प्रदान करेगा हम विश्वास दिलाते हैं कि कंप्यूटर प्रोफेशनल एसोसिएशन खुले दिल से आगामी विधानसभा चुनाव में उस राजनीतिक दल को अथवा चुनाव लड़ रहे राजनेता का प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से समर्थन करेगा, अन्यथा हम यह भी विश्वास दिलाते हैं कि सरकार चाहे किसी भी दल की भी बने, कंप्यूटर प्रोफेशनल एसोसिएशन के साथी NOTA के विकल्प का बटन दबाकर अपना विरोध जाहिर करेंगे।

ऐसे मैं अब यह देखना दिलचस्प रहेगा क्या कोई राजनीतिक दल कंप्यूटर प्रोफेशनल एसोसिएशन की इन मांगों को पूरा करने का वादा करेगा या फिर राजनीतिक दल हिमाचल प्रदेश के इन 40,000 से अधिक कंप्यूटर शिक्षित युवाओं तथा उनके परिवारों की नाराजगी झेलने के लिए तैयार रहेंगे।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

Please Share This News By Pressing Whatsapp Button

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram
LinkedIn
Email
Print

जवाब जरूर दे

चुनाव 22- हिमाचल में किसकी बनेगी सरकार
  • Add your answer

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisements
Traffic Tail

Live cricket updates