
नशे के खिलाफ ग्रामीणों एवं युवाओं को जागरूक करना होगा इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य
समाचार दृष्टि ब्यूरो / सराहां
हिमाचल प्रदेश के गठन के लिए पहली बैठक आयोजित करने वाले जिला सिरमौर के सैनधार क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक, आर्थिक एवं पारंपरिक संस्कृति को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से नारग में दो दिवसीय सैंणधार उत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
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इस दो दिवसीय सैंणधार उत्सव में नशे के खिलाफ छात्र-छात्राओं तथा ग्रामीणों को जागरूक करना भी उत्सव का मुख्य उद्देश्य है। जिला सिरमौर के सराहां में आयोजित पत्रकार वार्ता में को संबोधित करते हुए सैनधार उत्सव कमेटी की मुख्य फाउंडर भावना ओबराय, दीपक ठाकुर, राजीव शर्मा ‘अन्नू भाई सिरमौरी’ सैंणधार उत्सव कमेटी सदस्य संजय अत्री, अजय शर्मा, सुशील शर्मा व मुकेश रात्रा ने बताया कि सैंणधार क्षेत्र जिला सिरमौर की तीन प्रमुख नदियों गिरी, जलाल व कव्वाल का संगम है।
सैनधार क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने के लिए सैनधार उत्सव का नारग में दो दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। जिला सिरमौर के सैनधार क्षेत्र प्रदेश में धार्मिक, आर्थिक, राजनीतिक व सांस्कृतिक रूप में विशेष योगदान रहा है। हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ वाईएस परमार भी सैनधार क्षेत्र से ही थे। बेचड बाग से लेकर नारग क्षेत्र की 27 पंचायतें सैनधार क्षेत्र में आती हैं।
इस सैनधार उत्सव का शुभारंभ 20 दिसंबर को जिला सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा करेंगे। उत्सव के पहले दिन महिलाओं के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें मटका फोड़, रसाकशी व कुर्सी प्रतियोगिता प्रमुख है। पहले दिन की सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय कलाकारों को मंच दिया गया है। जिसमें अरुण आर्य, कपिल व भारती शर्मा शामिल है। दूसरे दिन के समापन समारोह में जिला सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी मुख्य अतिथि होंगे। इस दिन दंगल मुख्य आकर्षण होगा, साथ ही उत्सव में पधारने वाले लोगों के लिए भंडारे का आयोजन भी कमेटी द्वारा किया जा रहा है। दूसरे सांस्कृतिक संध्या में दिलीप सिरमौरी, विकास शर्मा, विद्या दत्त शर्मा व अनुराधा अपनी प्रस्तुति देंगे।
आपको बता दें कि सैनधार उत्सव को सफल बनाने के लिए 8 उप समितियों का भी गठन किया गया है। दो दिवसीय उत्सव में सैनधार क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक व पुरानी वेशभूषा का मंचन भी किया जाएगा। साथ ही विश्व पटल पर सैनधार क्षेत्र की समृद्धि को पहचान दिलाने वाली विभिन्न विभूतियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
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