December 9, 2022 3:11 pm

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सराहां का संस्कार शर्मा आई आई टी बॉम्बे से करेगा कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग

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Samachar Drishti

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सराहां (घिन्नीघाड) के संस्कार शर्मा ने अपनी लगन और कड़ी मेहनत से पूरा किया कंप्यूटर साइंस इंजीनियर बनने का सपना
होनहार संस्कार जेईई एडवांस रैंकिंग में टॉप 100 में पाया स्थान, आई एस आई बैंगलोर, आई एस एस आई त्रिवेन्द्रम व आई आई टी दिल्ली को छोड़ आई आई टी बॉम्बे को चुना

समाचार दृष्टि ब्यूरो/सराहां

एक लक्ष्य, कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से बड़े से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है एसा ही कुछ कर दिखाया सिरमौर जिला के सराहां निवासी संस्कार शर्मा ने। अपनी मेहनत व टेलेंट के दम पर प्रतिष्ठित आई आई टी में एडमिशन लेकर कंप्यूटर साइंस इंजीनियर बनना है। उनका यह सपना अब पूरा होने जा रहा है। जेईई एडवांस में टॉप100 में आने वाले इस प्रतिभावान युवा का सिलेक्शन 4 बड़े इंजीनियरिंग संस्थान के लिए हुआ है लेकिन इच्छा बड़ी थी तो वह आई आई टी बॉम्बे में एडमिशन लेने जा रहा है।

बता दें कि संस्कार दो वर्षों से आई आई टी में एडमिशन के लिए तैयारियों में जुटा था। गत वर्ष उसका सिलेक्शन एनआई टी हमीरपुर के साथ साथ आई आई टी धनबाद के लिए हुआ था लेकिन उसका लक्ष्य प्रतिष्ठित आई आई टी ही था। नतीजतन संस्कार ने आइडिया ड्रॉप कर अगले सैशन की तैयारियां शुरू कर दी। लग्न व मेहनत के दम पर अपने लक्ष्य को हासिल कर संस्कार ने युवा पीढ़ी को बहुत बड़ा संदेश दिया है।

ग्रामीण परिवेश का यह होनहार अब आई आई टी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करेगा। बेटे की इस इच्छा को पूरा करने में परिजनों ने भी भरपूर सहयोग दिया। हालांकि यह सब स्वयं संस्कार ने निर्धारित किया था कि उसे किस दिशा में जाना है। संस्कार के पिता डॉ अनिल शर्मा सराहां के समीप घिन्नीघाड़ में ‘साथी ‘ नामक एनजीओ चला रहे हैं। यह मूलरूप से मंडी जिला के जोगिंदर नगर निवासी हैं। यह स्वयं भी डॉक्टरेट (पीएचडी) हैं। इन्होंने समाज सेवा के ध्येय के चलते कॉलेज लेक्चरर की जॉब का ऑफर तक ठुकरा दिया था। संस्कार की माता जीवन रीता सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। जबकि भाई संकल्प शर्मा पहले ही आईआईटी मंडी से एमएससी फिजिक्स कर पीएचडी की तैयारियों में जुटा है। उनका सपना है कि वह वैज्ञानिक बनकर देश के लिए कुछ अलग करे।

संस्कार के पिता डॉ अनिल शर्मा ने बताया कि दोनों ही बच्चों कि रूचि कुछ अलग करने के लिए शुरू से ही रही है। दोनों ही वैज्ञानिक बनकर देश के लिये कुच्छ नया करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि मैं और मेरी पत्नी का लक्ष्य भी अब इन दोनों के सपने को साकार करने के लिए प्रयासरत है।

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